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February 10, 2017 by

नरेंद्र मोदी क्यों बदलने जा रहे है इंदिरा गाँधी एयरपोर्ट का नाम ।

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो भारत की राजधानी दिल्ली का प्रधान अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट है, का नाम अब बदला जाएगाl इस बात का संकेत खुद नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ एक इंटरव्यू में दिया हैl

आखिर क्या कारण है कि मोदी सरकार अब ये बदलाव लाने जा रही है?

किस कारण के चलते लेना पड़ा ये निर्णय?

क्या कहा नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने?

खबरों और रिपोर्ट्स के अनुसार, एयरपोर्ट के नाम के बदले जाने के सुझाव पर इसलिए विचार किया जा रहा है ताकि यात्रियों और पर्यटकों को दिक्कत ना आये क्योंकि वो ऐसे नामों से परिचित नहीं रहते हैंl

राज्यमंत्री जयंत सिन्हा ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि इस सुझाव पर विचार किया जा रहा है कि सभी मौजूदा एयरपोर्ट्स और फ्यूचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स का नाम किसी शख्सियत के नाम पर न होकर शहरों के नाम पर होl इसके साथ ही सिन्हा बोले कि फिलहाल यूनियन केबिनेट द्वारा इस सुझाव के पास होने का इंतजार किया जा रहा हैl जल्द ही इसपर अंतिम निर्णय ले लिए जायेगाl

ज़्यादातर मुख्य एयरपोर्ट्स का नाम किसी शख्सियत के ऊपर ही है, जैसे छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट(मुंबई), इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (दिल्ली), राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (हैदराबाद), चौधरी चरणसिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट (लखनऊ) आदिl

शहरों के हिसाब से एयरपोर्ट्स के नाम रखना भी मुश्किल कार्य हैl आप इसे चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उदाहरण से समझ सकते है जिसमे दोनों पंजाब और हरयाणा की सरकार का 24.5 फीसदी हिस्सा है और बाकि का स्टेट ओंड अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अंदर आता हैl दोनों सरकारों ने 2008 में दो अलग अलग नामों का सुझाव दिया था l पंजाब की तरफ से शहीद-ए-आज़म सरदार भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मोहाली नाम का सुझाव आया था, वहीं हरयाणा की सरकार ने शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, चंडीगढ़ नाम का सुझाव दिया थाl

 

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